खरसिया । भीषण गर्मी के बीच मौसम में उतार चढ़ाव से आदिवासी बहुल खरसिया ब्लॉक में मौसमी बीमारियों का दौर शुरू हो गया है. सामुदायिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही हैं. लेकिन इस स्थिति में डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी को ना समझते हुए दवाई को कचरे में फेंक दिया गया. मामला खरसिया ब्लॉक के सरकारी अस्पताल का है ।
खरसिया ब्लॉक के बरगढ़ खोला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बर्रा में दवाईयों को कचरे में फेंकने की शिकायत मिली. जब स्टॉफ के लोगों के साथ जाकर देखा तो ओआरएस की दवा पड़ी थी.जिसको बने महज 1 साल हुआ था, जबकि उसकी एक्सपायरी डेट 18 माह अंकित है, फिर भी फेंक दिया गया ।
यह जानकारी बीएमओ डॉ सुरेश राठिया को भी दिया गया, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया. वहीं इस मामले पर सीएचएमओ डॉ एसएन केसरी ने हॉस्पिटल स्टॉफ को फोन कर कहां कि दवाई को वहां से उठाकर हॉस्पिटल में रख दीजिए ।
बिना एक्सपायरी डेट की सरकारी दवाई कचरे में फेंक दिया, जबकि मरीजों को दवाई नसीब नहीं होती
- छत्तीसगढ
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