Saturday, 15 August 2026

आदिवासियों का विरोध जारी प्रोजेक्ट बंद कराने की तैयारी

जगदलपुर/ दंतेवाड़ा/ नकुलनार । नंदराज पहाड़ को बचाने के लिए दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के करीब 200 गांव से आए तीन हजार से ज्यादा आदिवासियों का आंदोलन बैलाडीला में रविवार को तीसरे दिन भी शांतिपूर्वक जारी रहा। ये आदिवासी अपने परंपरागत हथियारों और वाद्ययंत्रों के साथ पहुंचे हैं और चेकपोस्ट को घेरकर नाच-गाने के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।
 बस्तर में डिपॉजिट 13 नंबर की खदान अडानी को दिए जाने का आदिवासियों का विरोध आज लगातार तीसरे दिन भी जारी है। एएमडीसी एनएमडीसी दफ्तर का घेराव करने हजारों की संख्या में पहुंचे आदिवासी जमे हुए है और जमकर विरोध जता रहे हैं।
शहर और प्रोजेक्ट बंद की तैयारी-अनिश्चितकालीन हड़ताल में सूत्रों के हवाले की खबर है कि आदिवासी बचेली शहर और एनएमडीसी प्रोजेक्ट को भी बंद करने की तैयारी चल रही है। किसी भी वक्त इसका ऐलान किया जा सकता है।
इनका मिला समर्थन-वहीं खदान के निजीकरण के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के समर्थन के साथ आदिवासियों को कांग्रेस, भाजपा, सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन भी मिल रहा है।
अडानी की कंपनी ने काट डाले हरे-भरे पेड़- बैलाडीला 13 नम्बर खदान का विरोध सिर्फ लोहा खोदने और अडानी को दिये जाने का विरोध ही नही है। यह आस्था से जुड़ी उन आदिवासियों की प्राचीन मान्यताओं का सवाल है। जिन्हें वे पीढ़ी दर पीढ़ी से मानते आ रहे है। बैलाडीला 13 नम्बर की खदान पहाडिय़ों में बसी है। उसे नन्दराज पर्वत कहा कहा जाता है। वह दैविक स्थान है दो पहाड़ है नन्दराज पहाड़ के सामने का पहाड़ पिटोरमेटा देवी का पहाड़ है। जिसे वे पूजते है। खदान बनने के लिए पेड़ काट दिये गये। कुछ पेड़ों को जला दिया गया। दोनों पहाड़ में भरमार लौह अयस्क है जिसके लिए ही यह सौदा हुआ है।
अकबर ने जोगी के आरोपों का किया खंडन-वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के आरोपों को खारिज़ कर दिया है। अकबर ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी को बैलडीला में वन काटने की अनुमति नही दी है। गौरतलब है कि बैलाडीला में खनन के विरोध में आदिवासी तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इसका समर्थन करने पहंचे अजीत जोगी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अकबर ने अप्रैल को बैलाडीला में जंगल काटने की अनुमति दी थी। अकबर ने कहा कि वन काटने की अनुमति तत्कालीन डॉक्टर रमन सिंह सरकार द्वारा दी गई थी. उन्होंने कहा कि 11 जनवरी 2018 को तत्कालीन सरकार द्वारा बैलाडीला के 13 नम्बर ब्लॉक के लिए ये अनुमति दी गई थी।
ये है पूरा मामला-13 नम्बर खदान में लगभग 350 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद होने की संभावना है। इसके उत्खनन का ठेका अडाणी की कंपनी एईएल को दिया गया है। जिस स्थान पर यह 13 नंबर खदान मौजूद है उस पहाड़ को आदिवासी अपना आराध्य मानते हैं। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ यहां के घने जंगलों को उजाड़ दिया जाएगा बल्कि यहां रहने वाले आदिवासियों को भी विस्थापित होना पड़ेगा। आदिवासी लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं। उनका यह विरोध अब बड़े आंदोलन का रुप ले चुका है।
R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed