जगदलपुर । बारिश के मौसम में सीमांकन का काम नहीं किया जाता है लेकिन जगदलपुर नगर निगम के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर बोधघाट थाना क्षेत्र के पास बुलडोजर चलाकर गरीब परिवार के झोपड़ी को तोड़ दिया है. निगम अधिकारियों का कहना है कि इस सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनाया गया था जिसे तोड़ा गया है.पीड़ित राजेन्द्र चंदेल का आरोप है की निगम ने परिवार को बिना नोटिस दिए ये करवाई की है, बिना सूचना के ही अचानक बारिश के मौसम में बुलडोजर चलाकर झोपड़ी गिरा दिया गया है।
तो वहीं नजूल जमीन पर घर बनाकर रहे पीड़ित राजेन्द्र चंदेल का कहना है कि हम इस जमीन पर 30 सालों से रह रहे हैं बिना सूचना के ही नगर निगम अधिकारियों ने उनके मकान को गिराया है।
पीड़ित राजेन्द्र चंदेल ने बताया कि इसकी शिकायत विधायक रेखचंद्र जैन से की थी जिसके बाद उन्होंने दोबारा मकान बनाकर रहने के अनुमति दी थी लेकिन बोधघाट टीआई ने इस मामले पर राजेन्द्र चंदेल से लिखित अनुमति की मांग करते हुए अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पीड़ित राजेन्द्र चंदेल ने आरोप लगाते हुए बताया की बहुत दिनों से शहर के बड़े होटल के मालिक शराब व्यापारी का मकान पास में ही बन रहा है उन्होंने कई बार धमकी देते हुए यहां से हटने के लिए कहा है. गुंडे को भेज कर हमे डराया धमकाया जा रहा है. पुलिस से शिकायत करने पर मारने की धमकी दी जा रही है।
तो वहीं निगम महापौर जतिन जयसवाल का कहना है कि आंगनबाड़ी व राशन दुकान के बीच व झोपड़ी बनाई गई थी जिसके कारण खिड़की नहीं खुल रही थी इस वजह से झोपड़ी को तोड़ा गया है अतिक्रमण किया जा रहा था जिसके कारण उस घर को तोड़ा गया है. लेकिन बता दें कि जिस झोपड़ी को तोड़ा गया है वह आंगनवाड़ी से करीब 10 फीट की दूरी पर है. अब बड़ा सवाल यह है कि निगम ने पीड़ित परिवार को न कोई नोटिस नहीं दिया, बिना सूचना के ही अचानक बारिश के मौसम में बुलडोजर चलाकर घर गिरा दिया गया है।




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