
तखतपुर । श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किये गए चंद्रयान- 2 मिशन से भारत विश्व के उन गिने चुने देशों में शुमार होने जा रहा है जिन्होंने चांद पर अपना यान उतारा है. भारत से पहले रुस, अमेरिका और चीन ही ऐसा कर पाए हैं. चंद्रयान 2 की जिस टीम ने इतिहास रचा है उसमें छत्तीसगढ़ के दो युवा भी शामिल हैं जिसमें राजधानी रायपुर के आर आदित्य और तखतपुर निवासी व साइंटिफिक इंजीनियर विकास श्रीवास भी शामिल है ।
विकास श्रीवास
इसमें विकास श्रीवास ने चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है. इस मिशन में विकास के शामिल होने की वजह से परिजनों की खुशियों का ठिकाना नहीं था. चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त परिजन टीवी के सामने डटे रहे. विकास के परिजनों ने बताया कि वह 2007 से जीएचएलवीएमके व्हीकल के काम में जुटा हुआ था ।
विकास की प्रारंभिक शिक्षा तखतपुर के एक निजी स्कूल में हुई. उसके बाद उसकी पूरी शिक्षा बिलासपुर में ही हुई. कोनी स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उसने इसरो ज्वाइन कर लिया. उनके पिता दिनेश श्रीवास, माता भावना श्रीवास, भाई विवेक, विनित के साथ परिवार के सभी सदस्य गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं ।
विकास के पिता दिनेश श्रीवास का कहना है कि बेटा ऐसा काम करे तो पिता का जीवन सफल हो जाता है, ये गर्व का पल है. उन्होंने कहा कि मिशन पूरा होने के बाद बेटे से बात हुई. उसने पहले भी मिशन की कामयाबी के लिए प्रार्थना करने की बात कही थी. उसने कहा था हमारी तैयारी पूरी है, अब कोई तकनीकी कारण आड़े नहीं आएगा. हम सब पूरे जोश में हैं, विश्वास में हैं. देश की नजर इसरो पर है, हम जरूर कामयाब होंगे. चंद्रयान 2 की लांचिंग के बाद परिजनों के पास फोन कॉल आने शुरू हो गए. बधाई देने वालों का देर रात तक तांता लगा रहा ।




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