K. W. N. S. - रायपुर। राज्य सरकार ने किसानों से धान की खरीदी 2500 रुपए क्विंटल में करने की घोषणा की थी, लेकिन केंद्र के इनकार के बाद उसे खरीदी समर्थन मूल्य पर ही करनी पड़ी।
अब सरकार ने खरीदी के अंतर की राशि किसानों को देने के लिए बजट में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की है। इसके तहत अंतर की राशि किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी पहली किश्त में 350 रुपए किसानों के खाते में अप्रैल में पहुंचेगी, वहीं दूसरी किश्त जुलाई में जारी की जाएगी। किसानों को प्रति क्विंटल 685 रुपए दिए जाने हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि सरकार की यह सोच है कि दो किस्त में राशि देने से किसानों को फायदा होगा। पहली किस्त अभी और दूसरी किस्त गर्मी में देने से खेती-किसानी में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार ने किसानों से 25 सौ रुपए प्रतिक्विंटल की दर से धान खरीदी की है। हालांकि केन्द्र सरकार के विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने अभी केन्द्र द्वारा घोषित दर पर ही धान की खरीदी की है। इसके अंतर की राशि 685 रुपए का भुगतान सरकार ने दो किश्तों में देने का फैसला लिया है।
राज्य सरकार द्वारा 1 दिसंबर से 20 फरवरी तक प्रदेश के 18 लाख 45 हजार किसानों से कुल 82 लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी गई है। इसके लिए किसानों को 1815 और 1835 रुपए प्रतिक्विंटल के हिसाब से कुल 15 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। चूंकि राज्य सरकार ने किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 25 सौ रुपए देने की घोषणा की है। इसलिए सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की है।
राजीव किसान न्याय योजना के तहत सरकार ने बजट में पांच हजार एक सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह लगातार दूसरा साल है जब सरकार ने किसानों से 25 सौ रुपए में धान खरीदा है। कांग्रेस ने साल 2018 के विस चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में इसका वादा किया था।




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