
पब्लिकयूवाच - रायपुर । संविलियन की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को बीजेपी सांसदों का समर्थन मिला है. सांसदों ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव को पत्र लिखकर न केवल संविलियन का वादा पूरा करने का आग्रह किया है, बल्कि आंदोलनरत कर्मचारियों के विरूद्ध की गई दंडात्मक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है ।
बीजेपी सांसद विजय बघेल, अरूण साव और गोमती साय ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने संविदा कर्मचारियों के संविलियन का वादा अपने घोषणा पत्र में किया है. सरकार बने लगभग दो साल होने को है, फिर भी संविदा कर्मचारियों के संविलियन के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई है. ऐसे में कर्मचारियों को सोई हुई सरकार को जगाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है. सांसदों ने कहा है कि आंदोलनरत कर्मचारियों की मांग पूरा करने और उनसे बातचीत करने की बजाए सरकार उन पर कठोर कार्यवाही कर रही है, जो कि तानाशाही पूर्ण एवं निंदनीय है ।
सांसदों ने सिंहदेव को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग के दस हजार से अधिक संविदा कर्मचारी संविलियन की मांग को लेकर आंदोलनरत है. वास्तव में वही संविदा कर्मचारी है, जो पिछले छह महीने से अपनी जान जोखिम में डालकर राज्य की जनता की सेवा में दिन रात जुटे हुए हैं. राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए किसी तरह की व्यवस्था तक नहीं की है. अभाव के बावजूद जनता की नाराजगी सहन करते हुए भी सरकार के जिम्मेदार कर्मचारी होने के नाते जनता की सेवा करते हुए कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में जुटे रहे हैं ।
बता दें कि संविदा कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में न केवल विपक्ष बल्कि सत्तापक्ष के विधायकों ने भी अपना समर्थन दिया है. कर्मचारियों के समर्थन में अब तक अरूण वोरा, देवेंद्र यादव, धनेद्र साहू, विनय भगत, इंदु बंजारे, सौरभ सिंह और रंजना साहू ने भी सरकार को पत्र लिखा है ।




"
"
B 