
पब्लिकयूवाच-रायपुर। छत्तीसगढ़ में ट्यूशन फीस को परिभाषित करने बिलासपुर हाईकोर्ट में छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने याचिका लगाई है. जिस पर आज सुनवाई होनी है. याचिका में निजी स्कूलों द्वारा कोर्ट के आदेश का गलत फायदा उठाने का हवाला दिया गया है. बता दें कि प्रदेश में ट्यूशन फीस परिभाषित नहीं है ।
छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने बताया कि ट्यूशन फीस को लेकर जन सामान्य में भ्रांतियां है कि ट्यूशन फीस है क्या ? क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा अपने-अपने तारीके से ट्यूशन फीस को परिभाषित कर फीस वसूला जा रहा है. ट्यूशन फीस को स्कूल शिक्षा विभाग ने भी परिभाषित नहीं किया है. हमारे द्वारा अनेकों बार स्कूल शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों से आग्रह किया गया था कि ट्यूशन फीस को परिभाषित किया जाना उचित होगा. लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस विषय पर रूचि नहीं लिया ।
उन्होंने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखकर ट्यूशन फीस को परिभाषित करने का निवेदन किया गया. लेकिन डीपीआई ने भी ट्यूशन फीस को परिभाषित करने में कोई रूचि नहीं दिखाई. पालकों और प्रायवेट स्कूलों के बीच हो रही टकराव को एक दिन में दूर किया जा सकता है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ऐसा नहीं चाहते है. इसलिए हमें हाईकोर्ट जाना पड़ा. क्योंकि हम चाहते है की पालक और प्रायवेट स्कूलों के बीच टकराव समाप्त हो और बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो. क्योंकि ट्यूशन फीस को लेकर पालकों और प्रायवेट स्कूलों के बीच हो रही टकराव में बच्चे पीस रहे हैं ।




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