
K.W.N.S.-हिंदू धर्म में नाखून काटने से लेकर बाल धोने तक के बारे में बताया गया है. जिसमें शुभ और अशुभ दिन के बारे में बताए गए हैं. वहीं विवाहित महिलाओं के मामले में ये सभी नियम अलग-अलग होते हैं. सुहागन और कुवांरी लड़कियों के लिए बाल धोने के दिन भी अलग-अलग बताए गए हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो भी महिलाएं बाल धोती हैं, उनके सौंदर्य के साथ उनके व्यक्तित्व में भी बढ़ोतरी होती है और घर की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है. लेकिन अगर आपने गलत दिन बाल धो लिया तो जीवन में नकारात्मकता भी बढ़ सकती है. तो आइए आज हम आपको अपने इस लेख में दिन के अनुसार बताएंगे कि किस दिन बाल धोना शुभ होता है, साथ ही इसका क्या असर पड़ता है।
किस दिन बाल धोना होता है शुभ और क्या होता है असर ?
1. दिन सोमवार
हिंदू धर्म में सोमवार के दिन सुहागन महिलाओं को बाल नहीं धोना चाहिए. इससे सुहागन महिलाओं के परिवार की तरक्की में रुकावट आती है. इस दिन कुंवारी लड़कियां बाल धो सकती हैं।
2. दिन मंगलवार
मंगलवार के दिन भी सुहागन महिलाओं को सिर नहीं धोना चाहिए. इससे घर में नकारात्मकता आती है. इसके अलावा इस दिन कुवांरी लड़कियों को भी बाल नहीं धोना चाहिए।
3. दिन बुधवार
बुधवार के दिन सुहागन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां बाल धो सकती हैं. इस दिन बाल धोने से घर में सुख-समृद्धि आती है और व्यापार में वृद्धि होती है।
4. दिन गुरुवार
ऐसा माना जाता है, कि गुरुवार के दिन किसी को भी बाल नहीं धोना चाहिए. इससे उम्र कम हो जाती है और आर्थिक तंगी भई झेलनी पड़ती है. धन हानि होने की भी संभावना रहती है।
5. दिन शुक्रवार
धार्मिक मान्यताओं के अनुासर, शुक्रवार के दिन बाल धोना बेहद शुभ माना जाता है. इससे घर में मां लक्ष्मी और शुक्र देव की कृपा बनी रहती है. पैसे मिलने की संभवाना भी रहती है।
6. दिन शनिवार
शनिवार के दिन बाल धोना अशुभ होता है. इस दिन किसी को भी बाल नहीं धोना चाहिए।
7. दिन रविवार
रविवार के दिन बाल धोना अच्छा माना जाता है. लेकिन सुहागन महिलाओं को इस दिन बाल नहीं धोना चाहिए. इस दिन कुंवारी कन्या और पुरुष बाल धो सकते हैं।



K.W.N.S.- सनातन धर्म में वैसे तो कई सारे ग्रंथ और पुराण है जिनमें ज्ञान व मानव जीवन से जुड़ी अहम बातों का वर्णन मिलता है लेकिन गरुड़ पुराण बेहद खास होता है ये 18 महापुराणों में से एक माना गया है इसमें मानव जीवन, मृत्यु और मृत्य के बाद आत्मा के सफर के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है। गरुड़ पुराण ग्रंथ में भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ की बातचीत का वर्णन है जिसमें उन्होंने जीवन, मृत्यु, स्वर्ग नरक और मृत्यु के बाद आत्मा के बारे में बताया गया, ऐसे में अधिकतर लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि अकाल मृत्यु क्या होती है अगर आप भी इस शब्द से अब तक अनजान है तो आज हम आपको अकाल मृत्यु के बारे में विस्तार पूर्वक बता रहे है जो कि गरुड़ पुराण से लिया गया है तो आइए जानते है।


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