
मुंगेली । मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड परसीमन को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता में भी मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जिसकी बानगी दावा आपत्ति के अंतिम दिन मुंगेली तहसील कार्यालय में प्राप्त आपत्तियों की संख्या से पता चलता है. जहां आम जन व राजनीतिक पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने भी परसीमन पर आपत्ति दर्ज कराई है. वहीं भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने परसीमन पर दावा आपत्ति में दिए कम समय को लेकर राज्य शासन पर नगरीय चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया है ।
मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में कुल 22 वार्ड हैं, जहां आगामी 6 महीने बाद नवबंर 2019 में नगरीय निकाय के चुनाव होने है. इस चुनाव के पहले नगर के वार्डों के परिसीमन मामले को लेकर ऊहापोह का माहौल बना हुआ है. मुंगेली नगर के वार्डो के परसीमन में जहां नए वार्ड नहीं बनाए गए, तो वार्डो का परसीमन जनसंख्या को बराबर करने की दृष्टि से किया गया है. इधर वार्ड़ों के परिसीमन में जहां आम जन का लैंडमार्क पता प्रभावित हो रहा है, तो वहीं जनप्रतिनिधियों के साधे गए वोटर्स जो नगरीय चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते है. सीधे-सीधे इस परसीमन में एक से दूसरे वार्डों में सम्मिलित हो रहे हैं. जिसकी चिंता अभी से जनप्रतिनिधियों में देखने को मिल रही है. नतीजतन आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं ।
कुछ वार्ड जो आरक्षित हैं, जहां के कुछ क्षेत्रों को दूसरे वार्ड में जोड़ा गया. जिससे उस आरक्षित वार्ड में आरक्षण का मापदंड नहीं रह जाएगा. इसके अलावा इस परसीमन पर बीजेपी कार्यकर्ता सहमत नहीं दिख रहे हैं. इसी को लेकर आज तहसील कार्यालय में बीजेपी के कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जाहिर की है. साथ ही आम जनता को एक बार फिर अपने पते में बदलाव के लिए आधार सेंटर से लेकर बैंक, राशन कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेजों में बदलाव के लिए अनावश्यक परेशानियों में धकेलने को लेकर गुस्सा जाहिर करते हुए परिसीमन की कार्रवाई को अव्यवहारिक बताया गया ।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने परिसीमन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों ने जो भी परिसीमन किया है वह राज्य सरकार के दबाव में आकर किया है. वार्डो का परिसीमन राजनीतिक दृष्टिकोण से हुआ हैं, इससे निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हो सकता, इसलिए ज्ञापन सौंपा गया है, ताकि आम लोगो को परेशानी न हो व आगामी नगरीय निकाय चुनाव में निष्पक्ष चुनाव हो सके ।
भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश शुक्ला ने राज्य शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिसीमन में व्याप्त खामियों को दूर करते हुए नए सिरे से परिसीमन करना जरूरी है, जिसके लिए समय सीमा तो दी ही नहीं गई, ये पूरी तरह से राजनीति से ओतप्रोत है ।
नायब तहसीलदार ऋचा शर्मा ने बताया कि परसीमन हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं आता ये राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार का मामला है, हम सिर्फ दावा आपत्तियों पर अपने अभिमत सुझाव राज्य शासन को प्रेषित कर सकते हैं ।




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