
दंतेवाड़ा । जगरगुंडा, अरनपुर इलाके में 8 लाख के इनामी सक्रिय नक्सली मुचाकी बुदरा उर्फ नरेश ने रविवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। बुदरा नक्सलियों की मलांगिर एरिया कमेटी में साल 2007 से काम कर रहा था। उसने देवा, विनोद जैसे बड़े नक्सल लीडर के साथ काम किया है। उसे अच्छे काम पर प्रमोशन मिलता रहा, लेकिन जैसे ही उसे साथी महिला नक्सली से प्रेम हुआ तो डिप्टी कमांडर से डिमोशन कर प्लाटून सदस्य बना दिया गया। 6 महीने दर-दर की ठोकरें खाने के बाद दोबारा वह गांव लौटा तो फिर से नक्सलियों के लिए काम शुरू किया था। सरेंडर के बाद एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी। सरेंडर कराने सीआरपीएफ के जवानों व अफसरों का भी बड़ा योगदान था, ऐसे में सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल ने भी मुख्य धारा में लौटने पर मुचाकी बुदरा का स्वागत किया। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि जिस भी नक्सली को हम पकड़ते हैं, शासन की सरेंडर पॉलिसी का फायदा बताकर पहले सरेंडर का मौका देते हैं।
यदि सरेंडर नहीं करता है तो गिरफ्तार किया जाता है। नक्सली बुदरा को भी पकडऩे के बाद समझाया गया और वह सरेंडर को तुरंत तैयार हो गया। उसकी पत्नी को भी जल्द सरेंडर कराकर डीआरजी टीम में शामिल किया जाएगा। बुदरा 8 लाख जबकि उसकी पत्नी भीमे 2 लाख रुपये की इनामी नक्सली है।





बलौदाबाजार । गिरदावरी के महत्वपूर्ण काम में उदासीनता और आदेशों की अवहेलना करने पर लापरवाही के चलते कलेक्टर ने दो पटवारी और एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया है. वहीं बिलाईगढ़ और कसडोल तहसीलदार को भी मॉनिटरिंग नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है । 
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