Friday, 21 August 2026

राजनांदगांव । प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष में अपने 1 माह का वेदन देने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने अपनी विधायक निधि से दस लाख रुपए कोरोना आपदा राहत कोष में देने की भी अनुशंसा की है. इस संबंध में उन्होंने राजनांदगांव कलेकटर को पत्र लिखा है. यही नहीं रमन सिंह ने शनिवार को राजनांदगांव में 3000 मास्क भी सार्वजनिक स्थलों में वितरित करवाए । 
जिला मीडिया प्रभारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार डॉ रमन सिंह ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग एवं सफाई कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संक्रमण के इस दौर में प्रशासन की कसावट एवं राहत व्यवस्था बेहतर ढंग से कार्य कर रही है. रमन सिंह ने कहा कि संस्कारधानी नगरी के नागरिक भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन घर पर रहकर कर रहे हैं. जिससे कोरोना यहां महामारी का रूप नहीं ले सका. उन्होंने आगे भी नागरिकों को सावधान एवं सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि आगे आने वाला समय महत्वपूर्ण है हमें घर पर रहकर ही करोना संक्रमण के इस आक्रमण का मुकाबला करना है । 

रायगढ़ । रायगढ़ पुलिस ने मजदूरों से भरी एक ट्रक को पकड़ा है. ट्रक में तकरीबन 50 मजदूर मौजूद थे. जिन्हें प्लांट मालिक ट्रक में छिपाकर रायगढ़ से वापस झारखंड भेज रहा था. मुश्किल की इस घड़ी में रायगढ़ पुलिस ने बेसहारा हुए सभी मजदूरों के लिए न सिर्फ न सिर्फ खाने-पीने की व्यवस्था की बल्कि उनके ठहरने का इंतजाम भी किया । 
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से जिले में स्थित प्लांट बंद हैं. प्लांट मालिक मजदूरों को ट्रक में भरकर बाहर से तिरपाल से पैक करवा दिया था. ताकि किसी को शक न हो और देखने वाले यही समझें कि अंदर सामान भरा है. जबकि पुलिस ने प्लांट मालिकों को पास उपलब्ध कराया था ताकि वे अपने प्लाटं के मजदूरों के खाने पीने आदि की व्यवस्था सुचारु रुप से कर सकें. लेकिन प्लांट मालिक खर्च से बचने के लिए मजदूरों को ट्रक में भरकर वापस झारखंड भेजा जा रहा था. लेकिन पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय और जिले की सीमा को सील कर दिया गया है ताकि कोरोना का संक्रमण फैलने से बचाव हो सके. वहीं आवाजाही करने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है. इसी दौरान ट्रक की तलाशी लेने पर मामले का खुलासा हुआ । 
इस मामले में पुलिस प्लांट मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है. वहीं रायगढ़ पुलिस सभी मजदूरों की रहने और खाने की व्यवस्था जिले के भीतर ही कर रही है । 

 
 गरियाबंद । कोरोना के रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयासों में लापरवाही बरतने वाले 10 अधिकारी-कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. जिन अधिकारी-कर्मतारियों को यह नोटिस जारी किया गया है उन पर आरोप ये है कि उन्होंने कलेक्टर की ओर से जारी आदेश की अवहेलना की है. दरअसल किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बिना किसी पूर्व सूचना के जिले से बाहर नहीं जाना था, क्योंकि सारी छुट्टिया रद्द कर दी गई थी. बावजूद इसके कई अधिकारी-कर्मचारियों ने इस आदेश का पालन नहीं किया. कलेक्टर श्याम धावड़े जब कलेक्ट्रेट परिसर का आकस्मिक निरीक्षण पहुँचे, तो जिला मुख्यालय के 10 अधिकारी और कर्मचारी डयूटी से नदारद मिले. ड्यूटी से नदारद कर्मचारियों की इस लापरवाही से नाराज कलेक्टर ने सभी शोकॉज नोटिस जारी कर दिया।
इन अधिकारियों को मिला शोकॉज नोटिस
01) विनोद मांढरे, कार्यालय अधीक्षक
02) आरके घनकर, लेखापाल
03) कु.रीतम मेरिसा, सहायक ग्रेड-3
04) श्रीमति पुन्नी साहू, सहायक ग्रेड-3
05) श्रीमति प्रीति रामटेके, सहायक ग्रेड-3
06) गुलशन कुमार सेन, सहायक ग्रेड-3
07) मनोज कुमार ध्रुव, सहायक ग्रेड-3
08) फनेश कुमार पटेल, डाटा एंट्री आपरेटर
09) सालिकराम नायक, भृत्य
10) भूपेन्द्र साहू, नगर सैनिक
नोटिस में कहा गया है कि आपातकालीन परिस्थितियों के पश्चात भी अनुपस्थित रहना आपकी हठधर्मिता ही नही अपितु शासन प्रशासन एंव प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जारी निर्देश के विपरीत है, यह कृत्य स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है, आपका उक्त कृत्य आपके “कर्तव्य परायणता” व पुर्ण रुप से सनिष्ठ रहने के प्रयुक्ति के विपरीत उदासीन, सुस्त रवैये तथा कर्तव्य के प्रति हल्केपन को प्रदर्शित करता है जो छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-03 (सामान्य) के (दो) सत्य निष्ठा और कर्तव्य परायणता के सर्वथा विपरीत है.  शोकॉज नोटिस में सभी को 3 दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करे. समय सीमा में या फिर संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

 
 जशपुर । कोरोना वारयस की वजह से 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान तपकरा पुलिस की मनमानी सामने आई है. मछली व्यापारी बसंत प्रसाद चौधरी को तपकरा थाना प्रभारी की पिटाई कर दी. घटना की सूचना पर एसपी ने एसडीओपी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है ।
जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी सब इंसपेक्टर किरणेश्वर प्रताप सिंह ने बीच सड़क पर मनोज चौधरी के घर के सामने मारपीट की. बड़ी बात है कि इस दौरानडिप्टी कलेक्टर पोषित चौधरी और फरसाबहार तहसील मे पदस्थ नायब यहसीलदार लक्ष्मण राठिया मौजूद थे ।
दोनों अधिकारियों थाना प्रभारी को रोकने के बजाय उसे युवक को पिटने के लिये उकसाते रहे. यही नहीं थाना प्रभारी ने एक दिन पहले अपने घर के बाहर चेहरा धो रहे तपकरा के सम्मानित बुजुर्ग को भी अपने शासकीय वाहन से उतरकर गाल पर तीन तमाचा जड़ दिया था ।
बताया जा रहा है रायपुर के किसी अधिकारी ने थाना प्रभारी तपकरा को फोन कर यह बताया था कि मछली व्यापारी बसंत चौधरी अपने घर के पास गंदगी फैला रहा जबकि मछली व्यापारी बसंत चौधरी ने बताया कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए पिछले 15 दिनो से मछली बेचने का काम बंद कर दिया है। अब देखना होगा ऐसे अधिकारियो के खिलाफ जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
इस घटना के संबंध में जशपुर एसपी शंकरलाल बघेल से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि कुनकुरी एसडीओपी को जांच के लिये कहा गया है. जांच के बाद सामने जो तथ्य आयेंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी ।
R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

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