Monday, 17 August 2026

 
बीजापुर । जिले के कोडेनार थाना क्षेत्र के डिलमिली के पास बीती रात तेज रफ्तार स्कार्पियो वाहन खाई में जा गिरी, इस हादसे में एक युवक की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई, वहीं वाहन में सवार अन्य घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वाहन में कुल 12 लोग सवार थे, 6 लोगों को मामूली चोट आई हैं वहीं 5 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, 108 एंबुलेंस से घायलों को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया ।
बीजापुर जिले के केतुलनार निवासी मोहन कुरसम जो अपने परिवार व दोस्तों के साथ स्कार्पियो वाहन में सवार होकर जगदलपुर बस्तर दशहरा देखने के लिए आ रहा था कि अचानक रात करीब 10 बजे के लगभग स्कॉर्पियो चला रहे ड्राइवर ने डिलमिली के पास मोड़ में अपना नियंत्रण खो दिया जिसके बाद गाड़ी सड़क से सीधे खाई में जा गिरी, जिससे वाहन में सवार रिंकू की मौके पर ही मौत हो गई।

 
गरियाबंद । देवभोग में लंकेश्वरी देवी की परिक्रमा के बाद रावण के दहन करने की परंपरा चली आ रही है. कादाडोंगर में रावण दहन की सूचना पर 84 गांव की ग्रामदेवियों को एकत्रित किया जाता है. वनांचल आदिवासी राजाओं का गढ़ होने के कारण यहां देवियों की पूजा प्राथमिकता से की जाती है. विकासखंड के अधिकांश गांवों में अपनी ग्राम देवियों की पूजा होती है और लगभग प्रत्येक गांव में देवालय होता है. इसे देवीगुढ़ी कहते हैं कहा जाता है यह इलाका खर -दूषण के राज्य वाले दण्डाकारण्य का इलाका था । 
जमीदारों के अधीन इस इलाके में प्राचीन काल से ही देवी देवताओं को विशेष दर्जा दिया जाता था. उनमें से एक थी मां लंकेश्वरी जिन्हें राज देवी का ओहदा मिला हुआ है. मां लंकेश्वरीकी पूजा अर्चना की जाती है । 
बुजुर्ग जानकारों ने बताया कि लंकेश्वरी देवी ,लंका की रक्षा करने वाली लंकनी ही है, जो लंका प्रवेश करने वाले हनुमान के साथ युद्ध में हारकर दण्डाकारण्य इलाका भाग आई थीं. जमीदारों के पूर्वजों ने दक्षिण भारत के भ्रमन के दरम्यान देवी को यंहा से 20 किंमी दूर बरही में लाकर स्थापित किया था. आज भी लंकेश्वरी की पूजा बरही में होती है. 1987 को देवभोग गांधी चौक में अवस्थी परिवार द्वारा मंदिर निर्माण कर  यंहा स्थापित किया था. देवी का पट साल में एक दिन दशहरे को खुलता है. इस दिन लंकेश्वरी रावण दहन की अनुमति भी देती हैं । 
रावण वध का संदेश मिलते ही झूम उठते है देव
यंहा से 28 किंमी दूर कांदाडोंगर का दशहरा भी अनूठा है. विजय दशमी के दिन 84 गांव की ग्राम देवी पताका व पूरे परीधान में एकत्र होती हैं, डोंगर के नीचे सभी देव एकत्र होकर देव वाद्य में नृत्य करते हैं, और दशहरा सम्पन्न होता है. डोंगर के प्रमुख पुजारी मुकेश सिंह है । 
पजारी ने बताया कि दशहरा पर देव पूजन करने वाले वे 7वीं पीढ़ी के पुजारी हैं बताया कि इस दण्डकरण्य में  असुरों का आतंक था. राम रावण का युद्ध पर सभी देव की नजर थी,विजयदशमी को रावण वध कि सूचना मिलते ही ग्रांम देवी इसी कांदाडोंगर  के नीचे एकत्रित होकर खुशियां बाटी थी. आज भी उसी रस्म को पूरा करने विजय दशमी के दिन ग्राम देवी के साथ हजारों की तादात में ग्रामीणों की भीड़ जुटती है. और सत्य की जीत की खुशियां मनाकर एक दूसरे को विजय चिन्ह के रूप में सोंनपत्ति  भेंट करने का रिवाज है । 

 
बेमेतरा । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले त्यौहार गोवर्धन पूजा को गौठान दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है। गोवर्धन पूजा के दिन प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में गौ-माता की पूजा कर गौवंश को खिचड़ी खिलाने की परंपरा है। प्रदेश सरकार गौ-वंश के संरक्षण के लिए गौठान योजना संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने आज बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भिंभौरी में आयोजित मद्भागवत ज्ञानयज्ञ सत्संग कार्यक्रम आभार एवं अभिनंदन समारोह में उक्ताशय के विचार व्यक्त किए। समारोह में प्रदेश केे गृहजेल एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन, जलसंसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे, राज्यसभा सांसद मती छाया वर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार गौ-वंश के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में गौठान का निर्माण कर पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आव्हान करते हुए कहा कि गौठान के लिए चारे की व्यवस्था जनता के सहयोग से करना है। इस योजना में सरकार की सहभागिता के अलावा संचालन करने का काम गांव वालों को ही करना है। गोबर से कंपोस्ट एवं वर्मी खाद बना रहे है। हाल ही में अभनपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम बनचरौदा में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आगमन भी हो चुका है। उन्होंने गौठान योजना की तारीफ की है। बघेल ने कहा कि गोबर में मिट्टी मिलाकर महिला समूह द्वारा एक लाख दियों का निर्माण किया गया है, दिवाली के पूर्व इसे बेचने के लिए आर्डर भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने का आव्हान किया। इससे पालतु मवेशियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि गौठान योजना के जरिये पशु नस्ल का सुधार होगा। इससे गांव समृद्ध बनेंगे। महिला स्व-सहायता समूह की स्थिति भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर शब्दभेदी बाण में निपुण स्व. कोदूराम वर्मा की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री बघेल ने भिंभौरी में संचालित जनता उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद् स्व. रतनलाल टिकरिहा के नाम पर करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम उपरा से हसदा सड़क एवं गुधेली-भेंगरी घाट में एनीकट निर्माण को आगामी बजट में शामिल करने का भरोसा दिलाया। गृहमंत्री साहू ने कहा कि वे वर्ष 2008 में बेमेतरा क्षेत्र के विधायक तत्पश्चात दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद होने के नाते बेमेतरा जिले से जुड़े रहे है। स्व. कोदूराम वर्मा शब्दभेदी बाण चलाते थे। आज मुख्यमंत्री के कर-कमलों से प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे है।
कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि शब्दभेदी बाण में निपुण स्व. वर्मा छत्तीसगढिय़ा की ताकत का अहसास कराते थे। मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालते ही किसानों से किया गया वायदा तत्काल पूरा किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीज-त्यौहार हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने जब से कार्यभार संभाला है, किसानों का मान-सम्मान भी बढ़ा है। समर्थन मूल्य पर 25 सौ रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदा गया। स्वागत भाषण क्षेत्रीय विधायक आशीष कुमार छाबड़ा ने दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने आठ-नौ माह के कार्यकाल में जनता की बेहतरी के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये है। मुख्यमंत्री बघेल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती कविता साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर मती शारदा वर्मा, कलेक्टर मती शिखा राजपूत तिवारी, पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महासमुंद । आर्थिक गतिविधियों समेत सभी आर्थिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों की गणना हो रही है। इस मामले में महासमुंद जिला प्रदेश में चौथे स्थान पर चल रहा है। महासमुंद जिले में 21692 घरों व प्रतिष्ठानों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में जिले के 872 कर्मचारी सभी विकासखंडों में कार्य कर रहे हैं। आर्थिक जनगणना में गांवों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इसके अलावा ऐसे गांव जहां आर्थिक गतिविधियां बहुत ही कम है या बिलकुल भी नहीं है। जिस गांव में कोई आर्थिक गतिविधि नहीं हो रही है, उसकी पहचान की जाएगी। जिला योजना और सांख्यिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उद्योगों, छोटे उद्यमों, दुकानों और कारखानों आदि की जानकारी एकत्रित की जा रही है। यह जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से ली जा रही है। कार्य की मॉनिटरिंग कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मचारी कर रहे हैं ।
जिला योजना और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी एम तिर्की ने बताया कि गणना से प्राप्त डाटा का उपयोग भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा योजना एवं नीति निर्धारण के कार्य में किया जाएगा। साथ ही उद्यमियों को पंजीकृत करने में सहयोग मिलेगा। इससे मिलने वाले आंकड़ों से जिले की आर्थिक गतिविधि की संपूर्ण जानकारी मिलेगी। सीएससी के माध्यम से घर-घर जाकर आर्थिक क्रियाकलापों में जुटे लोगों का डाटा एकत्र की रही है। फिर इसे सरकार को भेजा जाएगा ।
R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed