Saturday, 15 August 2026

 
 
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में नई शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में समय की मांग थी कि प्रधानमंत्री देश के लोगों से सीधे अपनी बात कहें।
जैसी कि उम्मीद थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए ऐतिहासिक एवं निर्णायक बदलावों पर ही केंद्रित रहा । चूंकि अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और साथ ही लद्दाख में एक नई शुरुआत होने जा रही है, इसलिए यह समय की मांग थी किखुद प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ देश के लोगों से सीधे अपनी बात कहें। यह अच्छा हुआ कि उन्होंने वक्त की यह मांग पूरी की। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने यह सही कहा कि एक सपने को पूरा करके एक नई शुरुआत होने जा रही है। इस क्रम में उन्होंने यह रेखांकित कर बिल्कुल सही किया कि यह प्रश्न दशकों से अनुत्तरित ही था कि आखिर अनुच्छेद 370 से जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों को क्या लाभ मिल रहा था? इस सवाल का जवाब कम से कम उन्हें अवश्य देना चाहिए, जो अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य के पुनर्गठन का विरोध कर रहे हैं? उन्हें बताना चाहिए कि वे भेदभाव भरे और अलगाव को बल देने वाले उस प्रावधान की वकालत क्यों कर रहे हैं, जो इस राज्य के दलितों और आदिवासियों के अधिकारों पर कुठाराघात करने के साथ ही राज्य के बाहर के लोगों से विवाह करने वाली युवतियों के अधिकारों का हनन करता था? ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री की ओर से इंगित की गई उस विसंगति पर भी कुछ कहना चाहिए, जिसके चलते राज्य के तमाम लोगों को विभिन्न चुनावों में वोट देने का अधिकार नहीं था।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बल और संबल देने वाले अपने संबोधन में यह स्पष्ट करके तमाम अंदेशों को खत्म करने का ही काम किया कि जम्मू-कश्मीर को केवल कुछ कालखंड के लिए केंद्र के अधीन रखने का फैसला वहां के हालात सुधारने, भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद पर लगाम लगाने, विकास और रोजगार निर्माण को गति देने के इरादे से किया गया है। उन्होंने यह जो भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाए रखने की जरूरत लंबे समय तक नहीं पड़ेगी, उसे पूरा करने में राज्य और खासकर घाटी के लोगों की महती भूमिका होगी। उम्मीद है कि वे अपनी इस भूमिका के महत्व को समझेंगे। वे इसकी अनदेखी नहीं कर सकते कि प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर यह भी कहा है कि वह अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले से असहमत लोगों के विचारों को सुनने-समझने को तैयार हैं। चूंकि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के हालात ठीक करने में देश के लोगों से भी सहयोग की अपेक्षा की, इसलिए देशवासियों की ओर से भी समवेत स्वर में यही संदेश उभरना चाहिए कि कश्मीर के साथ कश्मीरी भी हमारे हैं।

 
 रायगढ़ । बीती रात झमाझम बारिश का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने सर्किट हाऊस के पास स्थित एसबीआई के एटीएम में धावा बोल दिया । वहीं एटीएम में तोडफ़ोड़ कर उसके कैश बॉक्स को पार कर दिया। बताया जा रहा है कि कैश बॉक्स में 26 लाख 65 हजार रुपए नकदी थे । घटना को अंजाम देते वक्त आरोपियों ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी तोडफ़ोड़ किया है, लेकिन पुलिस को मौके से कैमरे का हार्डडिस्क मिला है। जिसकी जांच कर साइबर सेल की पुलिस आरोपियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
कोतवाली क्षेत्र की यह कोई पहली बड़ी घटना नहीं है। इससे पहले भी बड़े-बड़े वारदात हो चुके हैं, जिसे पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई। यह सुस्त पुलिसिंग का ही असर है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और दिन-ब-दिन बड़ी-बड़ी घटनाएं हो रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फार्मेसिस कंपनी के अंडर जिले में करीब 22 एटीएम चलते हैं। जिसका देखरेख और मेंटेनेंस उक्त कंपनी ही करती है। कंपनी के लोगों को हर चीज की जानकारी रहती है कि कौन से एटीएम में क्या प्रोब्लम है, किसमें कितना रुपए है। 8 अगस्त की सुबह कंपनी के डीई (डिस्ट्रिक एक्सक्यूटिव ऑफिसर) के मोबाइल पर मैसेज आया कि सर्किट हाऊस के पास स्थित एटीएम में कोई वारदात हुई है। इसके बाद वह तत्काल मौके पर जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। कोई अज्ञात चोर एटीएम में तोडफ़ोड़ कर उसके कैश बॉक्स को ले गया था। इसके बाद उसने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसपी राजेश कुमार अग्रवाल, एएसपी अभिषेक वर्मा, सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर, कोतवाली टीआई, चक्रधर नगर टीआई, कोतरारोड टीआई व अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना में जुट गए। एसपी के अनुसार 7 अगस्त की देर रात अज्ञात आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया है। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि उक्त क्षेत्र में रात ढाई बजे तक पुलिस की पेट्रोलिंग टीम घुमी है, लेकिन तब तक कोई घटना नहीं हुई थी। जबकि घटना स्थल को देख यह लग रहा है कि चोरों ने बड़े इत्मिनान के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। डीई त्रिलोचन साहू का कहना है कि कैश बॉक्स में करीब 26 लाख 65 हजार रुपए थे। जिसे अज्ञात चोरों ने पार कर दिया है।

 
 छत्तीसगढ़ में ऐसा मामला सामने आया है जिसमे दो बचपन की सहेलियों को ऐसा प्यार हुआ की दोनों ने अपने पति को छोड़कर खुद पति-पत्नी बनकर रहने लगी अचानक इन दोनों प्रेमियों के बीच कोई तीसरा आ गया। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि वो तीसरा इंसान भी एक लड़की ही थी। इस लव स्टोरी में अचानक आए इस ट्विस्ट ने तीनों की जिंदगी ही बदल दी । आइए जानते है इस समलैंगिग लव स्टोरी का अंजाम… ऐसे शुरू हुई इनकी लव स्टोरी दरअसल, 2 सहेलियां कामेश्वरी यादव उम्र 27 साल और प्यारी कौशल उम्र 35 वर्ष की दोस्ती बहुत ही गहरी थी। समय के साथ दोनों के शादी भी हो गई। लेकिन अचानक दोनों के संबंध ऐसे बने कि दोनों ने अपने अपने पति को छोड़ दिया। उसके बाद एक साथ घर लेकर साथ रहने लगीं।
पुलिस के अनुसार कामेश्वरी और प्यारी एक दुसरे के साथ पति-पत्नी की तरह रहते थे। इनमें प्यारी हमेशा मर्दाना कपड़ों में रहती थी। पति पत्नी के बीच आई वो… प्यारी का पड़ोस में रहने वाली गिरिजा यादव के घर आना-जाना था। धीरे-धीरे इनके रिश्ते गहराने लगे तो कामेश्वरी और प्यारी में झगड़ा होने लगा। तीन-चार दिन पहले भी इसी बात को लेकर दोनों में काफी विवाद हुआ। हत्या कर जला दी लाश रात करीब 12 बजे गिरिजा इनके घर पहुंची। तब कामेश्वरी और प्यारी कौशल सो रहे थे। सोते समय ही गिरिजा ने सिल पत्थर से कामेश्वरी पर वार कर दिया।
कामेश्वरी के माथे पर चोट आई। कामेश्वरी के साथ प्यारी की भी नींद खुल गई। दोनों ने गिरिजा को पकड़ लिया। प्यारी ने उसका गला दबा दिया। गिरिजा की हत्या करने के बाद दोनों ने उसपर केरोसीन डालकर आग लगा दी और जली हुई लाश बाड़ी में फेंक दी। लड़कियों के बीच प्रेमसंबंध हत्या के मामले में जो बात सामने आई, उसमें तीन लड़कियों के बीच प्रेमसंबंध का मामला निकला। जिसमें दोनों ने मिलकर एक को रास्ते से हटाने के लिए हत्या कर दी। खुलासा होने के बाद प्रकरण चर्चा का विषय बना था। प्रकरण की जाँच के दौरान प्यारी बाई कौशल (35) और कामेश्वरी यादव (28) को गिरजा की हत्या करने का दोषी पाया गया। दोनों ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया था।
आरोपियों की निशानदेही पर साक्ष्य भी बरामद कर लिया गया था। दोनों के खिलाफ धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मिली सजा कोर्ट ने दोनों पक्ष की सुनवाई पूर्ण होने के बाद भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 302 के तहत दोनों महिलाओं को दोषी पाया। इसके तहत उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं 50 रुपए अर्थदंड भी लगाया गया। धारा 207 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई एवं 50 रुपए अर्थदंड भी लगाया गया।

 
  राजनांदगांव । स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सोमवार की शाम मेडिकल कॉलेज भवन पेण्ड्री में आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से राजनांदगांव के सामान्य चिकित्सक, आईसीयू, डायलिसिस, प्रसूति एवं न्न्ी रोग, नाक, कान, गला विशेषज्ञ, बाल नवजात चिकित्सा, सर्जरी, दंत चिकित्सा, हड्डी रोग से संबंधित निजी चिकित्सकों और विशेषज्ञों से रायशुमारी की। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी चिकित्सकों से विभागवार अलग-अलग दल के साथ बैठक कर योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया। निजी चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने मौखिक और लिखित में अपनी-अपनी ओर से योजना के क्रियान्वयन के लिए सुझाव दिए। इन बैठकों में खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी साहू, पूर्व सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला, श्री कुलबीर छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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