Wednesday, 19 August 2026

 पिथौरा, महासमुंद । फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर विभिन्न बैंकों से फर्जी ढंग से केसीसी लोन स्वीकृत कराने का मामला उजागर होने के बाद अनेक चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे हैं। फर्जी ऋण पुस्तिका से जहां समर्थन मूल्य पर धान बेचते रहे, वहीं करोड़ों रुपये के लिए गए कृषि ऋण माफी का लाभ भी मिल गया। इस गोरखधंधे ने क्षेत्र के करीब दर्जनभर बैंकों को सकते में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि सात साल में आरोपितों ने चार सौ से भी अधिक फर्जी ऋण पुस्तिका बनाई है। इस लिहाज से करोड़ों रुपये कृषि ऋण लिया गया था, जो कर्जमाफी योजना का लाभ भी मिल चुका है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन ने चुनावी वायदों के तहत किए गए कर्ज माफी में इन फर्जीवाड़ों के भी करोड़ों रुपए माफ हो गए हैं। इतना ही नहीं इन फर्जी पट्टों से लगातार समर्थन मूल्य पर धान भी बिकता रहा और बोनस की राशि भी मिलती रही। पुलिस इस दिशा में भी पड़ताल करे तो करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आ जाएगा।
दीपावली के ठीक एक दिन पहले पिथौरा पुलिस ने क्षेत्र में विगत सात वर्षों से फर्जी ऋण पुस्तिका से विभिन्न बैंकों एवं सोसाइटियों से केसीसी लोन हासिल कर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले गिरोह के सात लोगों को धर दबोचा और मामले का पर्दाफाश किया है।
ज्ञात हो कि पिथौरा क्षेत्र में लंबे समय से फर्जी ऋण पुस्तिका का मामला सुर्खियों में रहा है। पिथौरा तहसील कार्यालय से करीब आठ सौ ऋण पुस्तिका आज भी नदारद है। इस मामले को लेकर अनेक शिकायतें भी हुई है।
फर्जी पट्टों से समर्थन मूल्य पर बिकता रहा धान
छत्तीसगढ़ शासन से समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे धान में इन फर्जी पट्टों से भी भारी मात्रा में धान बिकता रहा है। पिथौरा क्षेत्र के सभी सोसायटियों में यह खेल लगातार होते रहा है। सर्वाधिक गड़बड़ी का क्षेत्र बेलडीह, बुंदेली और बरेकेल सोसाइटी को बताया जा रहा है, जहां पर फर्जी ऋण पुस्तिका से समर्थन मूल्य पर धान बिक्री किए जाने का खेल किया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि पुलिस जांच के दौरान बेलडीह निवासी आरोपित सुभाष चक्रधारी के घर से सोसाइटी का सील मोहर भी पुलिस को बरामद हुआ है। इसी तरह अरंड निवासी आरोपित दीनबंधु पटेल का गहरा संबंध सुभाष चक्रधारी के साथ होना बताया जा रहा है। दोनों की मिलीभगत से ही क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के नाम पर फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर यह खेल किया जाता रहा।
बैंकों एवं सोसाइटियों से खंगाले जा रहे रिकार्ड
पिथौरा पुलिस क्षेत्र के उन सभी बैंकों एवं सोसाइटियों से जानकारी उपलब्ध कराने पत्र लिखा है, जहां से फर्जीवाड़े होने के संदेह हैं। अथवा पकड़े गए आरोपितों के बयान में नाम आए हैं। पिथौरा पुलिस को उक्त सभी बैंकों एवं सोसायटियों से रिकार्ड खंगालने में लगी हुई है। हालांकि इसमें अभी साक्ष्य एकत्रित करने में काफी वक्त लगेगा।
जंगल एवं राजस्व विभाग के शासकीय जमीन के भी पट्टे
फर्जीवाड़ा गिरोह में शामिल लोगों ने कुछ राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर जंगल एवं राजस्व विभाग के शासकीय जमीन जिसमें बड़े झाड़ के जंगल तक शामिल हैं, का भी फर्जी पट्टा बनाकर एवं राजस्व खसरा नंबर का उपयोग कर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया गया है।
पत्नी सुमित्रा के नाम पर भी बनाया ऋण पुस्तिका
फर्जीवाड़ा का मास्टर माइंड उत्तम मजूमदार अपनी पत्नी सुमित्रा मजूमदार के नाम पर भी ग्राम गिरना में करीब 20 एकड़ जमीन का फर्जी पट्टा बना लिया है तथा पिथौरा सहकारी संस्था से करीब डेढ़ लाख रुपये का लोन ले लिया था। लंबे समय तक लोन की अदायगी नहीं की गई थी जो अब ऋण माफी के चलते माफ भी हो गया है। अर्थात फर्जीवाड़ा का सैकड़ों किसानों का लोन भी माफ हो चुका है। इस मामले में सहकारिता विभाग को विस्तृत जांच की आवश्यकता है।
 

महासमुंद । ‘स्कूल आ पढ़े बर, जिनगी ला गढ़े बर’ इस स्लोगन से शिक्षा विभाग छात्र-छात्राओं का भविष्य गढ़ने का वादा करती है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. जब शिक्षक ही नहीं होंगे, तो इन बच्चों का भविष्य कैसे गढ़ा जायेगा. जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है. हाईस्कूल अमलोर में शिक्षकों की कमी के चलते परेशान छात्रों और पालको ने आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की. छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की मांग को लेकर यहां जमकर हंगामा भी किया ।
शिक्षकों के अभाव में छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है, लेकिन अधिकारी इस मामले से पूरी तरह बेखबर दिख रहे हैं. छात्रों का कहना है कि हम लोगों को दसवीं की बोर्ड परीक्षा देना है. लेकिन हमारे स्कूल में शिक्षक नहीं हैं ऐसे में हम लोग बोर्ड परीक्षा कैसे देंगे ।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलोर को दो वर्ष पहले हाई स्कूल में उन्नयन कर दिया गया. लेकिन आज तक शिक्षक की पदस्थापना नहीं हुई है. जिससें परेशान बच्चे व पालको ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर किया है ।
अमलोर हाईस्कूल की छात्रा सुरेखा ने बताया कि हमारे यहां स्कूल नहीं है हम लोग झोपड़ स्कूल में पढ़ते हैं हम टीचर और स्कूल की मांग करने आए हैं गांव वाले और सरपंच एक बार शिक्षा विभाग को अवगत करा चुके हैं फिर भी हमारे स्कूल में शिक्षक नहीं भेजे गए हैं हम लोगों को मिडिल कि शिक्षक हफ्ते में एक बार आकर पढ़ाते हैं और एक ही या दो पीरियट हो पाता है शिक्षक नहीं होने के कारण हम लोग अच्छे से पढ़ नहीं पा रहे हैं. हमारा 10वीं का बोर्ड है हम कैसे पेपर देंगे ।
वहीं 10 वी की छात्रा मनीषा ने बताया कि बोर्ड का पेपर है और हमारी पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है हम कैसे पेपर देंगे. अगर फेल हो जाएंगे तो मम्मी-पापा हमें आगे की कक्षा नहीं पढ़ाएंगे हमें पेपर की चिंता सता रही है ।
जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल.कुर्रे ने बताया कि मिडिल स्कूल के दो शिक्षकों का ट्रांसफर होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. हम आज ही दो शिक्षक की व्यवस्था हाई स्कूल में कर देंगे ।
गौरतलब है कि जिले में आये दिन बच्चे स्कूलों में ताला जड़ते आ रहे है. उसके बावजूद शिक्षक की व्यवस्था नहीं होना कई सवालों को जन्म देती है ।
बता दें कि महासमुंद जिले में कुल 1957 शासकीय स्कूल संचालित है. जिनमें प्राथमिक 1281, मिडिल 491, हाईस्कूल 66, हायर सेकेण्डरी स्कूल 119 है. जिनमें 1 लाख 35 हजार बच्चें अपना भविष्य गढ़ने आते हैं. इन स्कूलों में 1211 पद आज भी खाली है. 35 हाई स्कूल एवं 33 हायर सेकेण्डरी स्कूल ऐसे हैं जहां अपना भवन नहीं है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चे कैसे पढाई करते होगें ।

 
 
 
मुंगेली । छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला आजकल अपने जिला प्रशासनिक अधिकारी यानी जिला कलेक्टर के कारण चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है. जी हां मुंगेली जिला कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे कई किलोमीटर साइकिल चलाने को लेकर अक्सर चर्चा में रहते है. शहर में साइकिल से यात्रा कर लोगों से मिलने जाते हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं. आज तड़के सुबह साइकिल से कलेक्टर जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का जयाजा लेने अचानक पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया ।
कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे वैसे तो रोजाना कलेक्ट्रेट परिसर में मॉर्निंग या इवनिंग वॉक में निकलते है. लेकिन आज तड़के सुबह साहब का मॉर्निंग वॉक कुछ ऐसा रहा जिसे देखने वाले भी दंग रह गए. दरअसल कलेक्टर सर्वेश भूरे आज मॉर्निंग वॉक साइकिल में निकले थे. और साइकिल चलाते-चलाते पहले तो वे शहर से लगे ग्राम पंचायत रामगढ़ पंचायत पहुंचे. जहां उन्होंने  निर्माणाधीन वृद्धा आश्रम का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की जानकारी ली. इसके अलावा उन्होंने ग्राम पंचायत के अन्य निर्माण कार्यो के बारे में भी जानकारी लेकर पंचायत प्रतिनिधियों एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारी -कर्मचारो को उचित दिशा निर्देश दिए ।
जिसके बाद कलेक्टर साहब ने साइकिल से यात्रा करते हुए जिला अस्पताल की ओर कूच किया. जहां जिला अस्पताल में पहुंचकर उन्होंने साफ- सफाई व्यवस्था एवं मरीजों से मिलकर हाल-चाल जानते हुए इलाज के बारे में जानकारी ली. कलेक्टर के इस अंदाज को देखकर लोग जहां उनकी तारीफ करते नही थक रहे है तो वहीं लोग ये भी चुटकी ले रहे है कि अगर बीच-बीच मे साहब ऐसे ही अचानक दौरे पर अस्पताल का निरीक्षण करने अगर पहुंच जाए तो अस्पताल में व्यवस्था को लेकर लोगों की शिकायत ही दूर हो जाएंगी ।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने कहा कि वे रोजाना की तरह आज भी मॉर्निंग वॉक में निकले थे. 8 नवंबर को रामगढ़ में निर्माण किये जा रहे वृद्धाश्रम का शुभारंभ किया जाना है जिसे ध्यान में रखते हुए निर्माणाधीन कार्य का निरीक्षण किया. वहीं जिला अस्पताल पहुंचकर भी साफ-सफाई सहित मरीजों से इलाज के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए
 हैं ।

 
छत्तीसगढ़ । चारामा थाना क्षेत्र में दिल्ली से पहुंची केंद्रीय आबकारी विभाग की टीम ने एनएच 30 के किनारे खड़े एक कंटेनर ट्रक से 12 लाख रुपये का गांजा बरामद किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली की यह टीम उक्त वाहन का लागातार पिछले बहुत दिनों से निगरानी कर रही थी ।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार मे इसकी कीमत 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में अज्ञात आरोपी फरार बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय आबकारी विभाग की डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में 6 सदस्यों की टीम ने चारामा के पास NH-30 बाबू कोहका के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक यूपी 38 टी 4510 में छुपाकर रखे गए 850kg गांजा जब्त किया है ।
R.O.NO. 13259/132
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